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जलशायी विष्णु भगवान की पद प्रदिक्षणा (परिक्रमा करने से समस्त जम्बू द्वीप की परिक्रमा हो जाती है। (पूरी पृथ्वी पर सात द्वीप है जिसमें एक जम्बू द्वीप है। जम्बू द्वीप में नौ खंड (वर्ष) है जिसमें एक भारत वर्ष है। (स्कन्द पुराण के अनुसार) श्री कृष्ण तीर्थ पावन धाम हलालपुर में एक अमृत कुंड है इस कुंड में विष्णु भगबान ने क्षीर सागर का आवाहन किया और माता लक्ष्मी के साथ निवास करने लगे। (इस क्षीर सागर में जलशायी विष्णु भगवान की माता लक्ष्यी के साथ प्रतिमा लगी है) इसकी परिक्रमा करने से एवं जल का आचमन करने तथा स्नान करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है एवं उनके शारीरिक कष्ट एवं रोग दूर होते हैं। इसी स्थान पर इद्र देव ने गुरु बृहस्पति के आदेश के अनुसार तप किया और दौज का व्रत किया। बौज के व्रत के फलस्वरूप उन्हें इन्द्रासन की प्राप्ति हुई तब से साघु रूप में इन्द्र देव प्रत्येक दौज को विष्णु भगवान के दर्शन करने आते हैं। इस अमृतकुंड की परिक्रमा लगाने से पूरे जम्बू द्वीप की परिक्रमा पूर्ण हो जाती है। तथा माँगने से पहले देने वाले देव महादेव बाबा मोहन राम की अमर ज्योति दर्शन से सभी प्रकार की मनोवांछित कामनाएँ पूर्ण होती है।








