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द्वितीया (दौज)

भगवान विष्णु की सर्वप्रिय द्वितीया (दौज) तिथि की कथा

एकत्रित होकर महान कष्टकारी कलिकाल से त्रस्त होने वाले मानव के कल्याणार्थ एक समय नैमिषारण्य नामकवन में शौनक आदि अटठासी हजार ऋषिगण विचार विनिमय कर रहे थे। श्री सूत जी महाराज का आगमन हुआ। उन्हें देखकर समस्त ऋषियों ने उनका उठकर अभिवादन किया। आवत हिय हुलसै नहीं, मन में प्रीत न होय। श्री शिव वाको […]